भाजपा कार्यालय में सुखमणि साहब का पाठ
वीर साहबजादों के बलिदान का पाठ अब पाठ्यक्रम मेँ

वीर साहबजादों के बलिदान का पाठ अब पाठ्यक्रम मेँ
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर भाजपा जिला कार्यालय में आज वीर बाल दिवस पर श्री सुखमणि साहब का पाठ किया गया। इतिहास की सबसे बड़ी शहादत को समर्पित इस पाठ के बाद दशम गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के शौर्य का स्मरण किया गया।

सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम 12:30 बजे भोग पाठ के साथ संपन्न हुआ। उसके बाद गुरु का टूट लंगर बरताया गया। इस अवसर पर श्रीगंगानगर भाजपा जिला अध्यक्ष शरणपाल सिंह,सादुलशहर विधायक गुरबीर सिंह बराड़, श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी, पूर्व विधायक संतोष बावरी, मनजीत सिंह, हर दर्शन सिंह, जिला महामंत्री प्रदीप धेरड़ व सुरेंद्र गोदारा, जिला उपाध्यक्ष चेष्टा सरदाना, आशुतोष गुप्ता,आरती शर्मा, शिव प्रकाश तेहरपुरिया, हरभगवान सिंह बराड़, भूपेंद्र आहूजा, हनुमान गोयल, धर्मवीर डूडेजा, प्रियंका बैलाण जिला मीडिया प्रभारी श्रीचंद चौधरी, मंडल अध्यक्ष बलविंद्र सिंह मग्गो, सुशील अरोड़ा, कृष्ण कुमार गुल्लू, कपिल असीजा, अजय लक्की दावड़ा,मूलचंद गेरा,प्रदीप खीचड़, कार्यक्रम संयोजक जीपी सिंह, मुकेश गोदारा, बबीता गौड़,बीरमा नायक, अंजू सैनी,जिला कार्यालय मंत्री राजेश आहूजा, जिला कार्यालय प्रभारी सुशील वर्मा, राहुल सहारण सहित सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे ।

वीर साहबजादों के बलिदान, जीवन चरित्र, शौर्य व शहादत का पाठ अब पाठ्यक्रम में शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में आज जयपुर में वीर बाल दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मिलित मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वीर साहबजादों के बलिदान एवं जीवन चरित्र, शौर्य, पराक्रम एवं शहादत का संदेश हर नौजवान तक पहुंचे यह आवश्यक है। उन्होंने कहा की राजस्थान माध्यमिक बोर्ड द्वारा संचालित सभी विद्यालयों की प्राइमरी कक्षाओं से ही वीर बाल दिवस का पाठ पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा जिससे विद्यार्थियों द्वारा पढ़ें जाने पर वीर बालक बाबा जोरावर सिंह एवं बाबा फतेह सिंह की शहादत, पराक्रम, निडरता, शौर्य व बलिदान की जानकारी प्राप्त हो सकेगी तथा अपनी संस्कृति, मातृभूमि के लिए मर मिटने का जज्बा विद्यार्थियों में पैदा होगा।

ज्ञात रहे कि वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री निवास पर सिख समाज के गणमान्य लोगों की बैठक में सिख समुदाय द्वारा इस मांग को उठाया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा का सिख समुदाय एवं सभी वर्गों ने स्वागत किया है।



