
श्रीगंगानगर। फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर आज शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में होलिका दहन का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। शाम को शुभ मुहूर्त में विभिन्न मोहल्लों और चौकों में विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा।

पंडितों के अनुसार होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और सत्य की शक्ति के कारण होलिका अग्नि में भस्म हो गई, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित रहे। इसी स्मरण में प्रत्येक वर्ष होलिका दहन किया जाता है।
तैयारियां पूरी
नगर के प्रमुख चौराहों, कॉलोनियों और मंदिरों के पास लकड़ी व उपलों से होलिका सजाई गई है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने अग्निशमन दल और पुलिस की विशेष व्यवस्था की है।
4 मार्च को खेली जाएगी धुलंडी
होलिका दहन के अगले दिन रंगों का त्योहार धुलंडी मनाया जाएगा। लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देंगे और पारंपरिक व्यंजन जैसे गुजिया, दही बड़े आदि का आनंद लेंगे।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि होलिका दहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सीमित और सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाएं।




